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इश्क, साजिश और हत्या: अपने पूरे परिवार को खत्म कराना चाहती थी स्वाति, प्रेमी संग मिलकर बना डाला खौफनाक प्लान

लेखक: ADITYA SRIVASTAV दिनांक: सितंबर 23, 2025

 मुरादाबाद के पाकबड़ा इलाके में एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सकते में डाल दिया है। स्वाति नाम की एक युवती अपने प्रेमी मनोज के साथ मिलकर अपने ही पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रच रही थी। यह कहानी ना केवल प्रेम की अंधेबाजी का उदाहरण है, बल्कि एक शातिर अपराध की ऐसी परत खोलती है, जिससे इंसानी सोच पर सवाल खड़े हो जाते हैं।



स्वाति और मनोज की प्रेम कहानी शुरू हुई थी, लेकिन परिवार के सदस्य इस रिश्ते के खिलाफ थे। खासतौर पर स्वाति के पिता और भाईयों ने इस रिश्ते को मंजूरी नहीं दी। स्वाति अपने प्यार को पाने के लिए और परिवार के विरोध को समाप्त करने के लिए क्लीन स्लेट चाहता था। इस उद्देश्य के लिए उसने अपने प्रेमी के साथ न केवल परिवार को धोखे में रखने की योजना बनाई, बल्कि पूरे परिवार को रास्ते से हटाने के लिए बेहद खतरनाक कदम उठाने का निर्णय किया।

पहले स्वाति ने अपने परिवार के सदस्यों को नींद की गोलियां अपने खाने में मिलानी शुरू कर दीं ताकि वे बेहोश हो जाएं और वह रात्रि में अपनी प्रेमी से छत पर मिल सके। पर परिवार के कुछ सदस्यों ने इस बात का शक होना शुरू कर दिया। जब वे इस योजना को विफल होते देख मिली, तब स्वाति और मनोज ने एक नया और खतरनाक कदम उठाया। उन्होंने ऐसा प्लान बनाया जो जीवित किसी निर्दोष व्यक्ति की हत्या से शिकार बनाया गया ताकि परिवार के खिलाफ साजिश को अंजाम दिया जा सके।

उन्होंने गांव के ही एक निर्दोष युवक योगेश को चुना, जो कि रंगाई-पुताई का काम करता था और मनोज का पुराना जानकार था। हत्या करने से पहले योगेश को शराब पिलाकर और शराब में नींद की गोलियां मिलाकर उसे बेहोश कर दिया गया। इसके बाद तीनों आरोपियों ने योगेश को कब्रिस्तान के पास ले जाकर ईंट और हाथी हथियारों से उसकी निर्मम हत्या कर दी।

हत्या के बाद स्वाति और मनोज ने मृतक के मोबाइल से गाँव के अपने पिता शोभाराम और भाई कपिल और गौरव के नंबरों से कॉल करके यह झूठी कहानी गढ़ी कि ये लोग योगेश को पीट रहे थे। पुलिस ने इस कॉल को डाइंग डिक्लेरेशन माना और एफआईआर कर लिया। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की जांच गहराई में गई, सबूतों, मोबाइल लोकेशन और साक्ष्यों ने इस पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया। कॉल की आवाज तकनीकी जांच से बदली हुई पाई गई और पूरा षड्यंत्र उजागर हुआ।

पाकबड़ा पुलिस के एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि इस केस की जांच में उनकी टीम ने 72 घंटे तक लगातार मेहनत की। उन्होंने बताया कि मनोज ने गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की, लेकिन मुठभेड़ में उसे गोली लगी और साथ में स्वाति और मंजीत को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में स्वाति ने खुलासा किया कि उन्होंने यह साजिश टीवी शो क्राइम पेट्रोल देखकर बनाई थी, जिसका उद्देश्य था परिवार को जेल भेजना और बिना रोक-टोक अपने प्रेमी से शादी करना।

यह पूरी कहानी न केवल अपराध की सच्चाई बताती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि किस प्रकार अंधे प्रेम में इंसान इतना दूर जा सकता है कि वह अपने ही परिवार के खिलाफ इतनी भयंकर साजिश रचने पर आमादा हो जाता है। यह मामला इलाके के लिए एक चेतावनी भी है कि सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को इतने खतरनाक तरीके से तोड़ना न सिर्फ कानून बल्कि मानवता के खिलाफ है।

पुलिस की सक्रियता और तकनीकी मदद से इस बेहद पेचीदा मामले का सफलतापूर्वक समाधान हो पाया। हालांकि यह घटना समाज के लिए एक कड़वी सच्चाई है, लेकिन न्याय की जीत इसे लोगों के लिए एक सबक भी बनाती है कि अपराध चाहे चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, सही के सामने अंततः हारता है।

स्वाति का इश्क, मनोज की साजिश और निर्दोष व्यक्ति योगेश की हत्या की यह पूरी कहानी मुरादाबाद के पाकबड़ा इलाके के लिए सदमा है, साथ ही पूरे समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों के आधार प्रेम होता है या फिर साजिश और स्वार्थ।

इस मामले में पुलिस ने कठोर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। न्यायिक प्रक्रिया जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही इस खतरनाक प्रेम साजिश की सच्चाई सार्वजनिक रूप से और भी विस्तार से सामने आएगी।

यह दुखद कहानी एक भयावह चेतावनी है कि जब प्रेम अंधा हो जाता है, तो इंसान किन-किन रास्तों पर जा सकता है, और उसे पहचानना कितना जरूरी होता है, ताकि परिवार और समाज सुरक्षित रह सकें।

यह घटना स्वतंत्रता, विश्वास, और परिवार के प्रति जिम्मेदारी के महत्व को पुनः समझने पर मजबूर करती है, और इस बात की याद दिलाती है कि प्रेम के नाम पर कोई भी अपराध सही नहीं ठहराया जा सकता है, चाहे वह कितना भी जश्न या जुनून भरा क्यों न हो।