नई दिल्ली/नागोया: जापान के आइची-नागोया (Aichi-Nagoya) में आयोजित Asian Games 2026 का महाकुंभ अपने शुरुआती और बेहद रोमांचक दौर में है। पिछले साल हांग्जो एशियाई खेलों में 107 पदकों की ऐतिहासिक सफलता हासिल करने के बाद, इस बार भारत ने 503 खिलाड़ियों के अब तक के सबसे बड़े और संतुलित दल के साथ मैदान में कदम रखा है। प्रतियोगिता के शुरुआती दिनों में ही भारतीय निशानेबाजों और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) के एथलीटों ने देश का खाता खोलते हुए अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।
शूटिंग रेंज में गूंजा भारत का परचम: एलावेनिल और हिमांशु का दबदबा
भारतीय अभियान की सबसे मजबूत और भरोसेमंद कड़ी हमेशा की तरह शूटिंग (Shooting) साबित हुई है। प्रतियोगिता के शुरुआती दिनों में ही भारतीय निशानेबाजों ने अपनी अचूक निशानेबाजी का परिचय दिया:
एलावेनिल वलारिवन (Elavenil Valarivan): महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा में दो शानदार रजत पदक अपने नाम किए। व्यक्तिगत फाइनल में उन्होंने 252.4 अंक हासिल किए, और स्वर्ण पदक विजेता जापान की हिनाता ताइची (253.0 अंक) से बेहद करीबी मुकाबले में केवल 0.6 अंक से पीछे रह गईं।
महिला टीम का रजत: एलावेनिल के साथ सोनम मस्कर और विदर्शा विनोद की तिकड़ी ने टीम स्पर्धा में 1898.0 का स्कोर बनाकर रजत पदक देश की झोली में डाला।
पुरुष निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन: रुद्रनक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ माने की चौकड़ी ने पुरुषों की 10m एयर राइफल टीम स्पर्धा में 1890.1 का स्कोर कर रजत पदक जीता। चीन ने इस स्पर्धा में 1899.0 के विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण हासिल किया। इसके तुरंत बाद व्यक्तिगत फाइनल में हिमांशु ढिल्लों ने रजत और अनुभवी रुद्रनक्ष पाटिल ने कांस्य पदक जीतकर भारत की पदक तालिका को मजबूती दी।
लॉजिस्टिक्स की चुनौतियां: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नागोया से शूटिंग रेंज तक पहुंचने के लिए खिलाड़ियों को लगभग दो घंटे का घुमावदार बस सफर तय करना पड़ा। इस लंबी यात्रा के दौरान मोशन सिकनेस (Motion Sickness) और शारीरिक थकान से बचने के लिए भारतीय खिलाड़ियों ने अनुशासित और पेशेवर तरीके से रिकवरी के उपाय अपनाए।
MMA में सुचिका टायल ने रचा इतिहास
इस बार के एशियाई खेलों का एक ऐतिहासिक मोड़ कॉम्बैट स्पोर्ट्स में देखने को मिला। सुचिका टायल (Suchika Tariyal) ने महिलाओं की ट्रेडिशनल एमएमए (Traditional MMA 60kg) श्रेणी में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
क्वार्टरफाइनल मुकाबले में जीत दर्ज कर उन्होंने अपना पदक पक्का किया था। सेमीफाइनल में सिंगापुर की तेओ हुई हून (Teo Hui Hoon) के खिलाफ कड़े मुकाबले के बाद उन्हें कांस्य पदक प्राप्त हुआ।
ऐतिहासिक महत्व: एमएमए (Mixed Martial Arts) को पहली बार Aichi-Nagoya Games के आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल किया गया है। ऐसे में यह पदक एशियाई खेलों के इतिहास में भारत का पहला एमएमए पदक बन गया है।
इन शुरुआती पदकों के साथ भारत की पदक तालिका ने एक सकारात्मक शुरुआत कर दी है।
503 खिलाड़ियों का विशाल दल और ₹800 करोड़ से अधिक का निवेश
मैदान के भीतर पसीना बहाने वाले इन खिलाड़ियों के पीछे शासन, खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की लंबी योजनाएं काम कर रही हैं।
दल का स्वरूप: आधिकारिक पंजीकरण के अनुसार, भारत ने इस बार 503 खिलाड़ियों (269 पुरुष और 234 महिला) का दल भेजा है। इसमें बड़ी संख्या में ऐसे युवा खिलाड़ी शामिल हैं जो पहली बार (Debutants) किसी मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
वित्तीय निवेश: खेल मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान की तैयारी के लिए भारी-भरकम निवेश किया गया है। ACTC (Annual Calendar for Training and Competition) के तहत ₹702.86 करोड़ और TOPS (Target Olympic Podium Scheme) के तहत ₹97.84 करोड़ खर्च किए गए हैं। दोनों को मिलाकर कुल राशि ₹800.70 करोड़ बैठती है।
नीरज चोपड़ा की अनुपस्थिति और अन्य खेलों की उम्मीदें
भारतीय दल के लिए खेलों की शुरुआत से ठीक पहले एक बड़ा झटका स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का बाहर होना रहा। ट्रेनिंग के दौरान एंकल लिगामेंट टियर (Ankle Ligament Tear) की गंभीर चोट के कारण उन्होंने 2026 सत्र को समाप्त करने का निर्णय लिया है।
हालांकि, इसके बावजूद भारत की उम्मीदें कई अन्य फ्रंट्स पर मजबूत हैं:
क्रिकेट और टीम गेम्स: महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 114 रन से करारी शिकस्त दी और फाइनल का टिकट पक्का किया, जिसमें शेफाली वर्मा ने शानदार शतकीय पारी खेली।
हॉकी और कबड्डी: पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने अपने शुरुआती मुकाबलों में विजयी आगाज किया है। वहीं, पारंपरिक खेल कबड्डी में भी भारतीय अभियान पूरी ताकत से उतर चुका है।
हांग्जो का 107 पदकों का रिकॉर्ड और भविष्य की राह
वर्ष 2022 के हांग्जो एशियाई खेलों में भारत ने कुल 107 पदक (28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य) जीतकर अपना सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया था। इस बार का लक्ष्य उस आंकड़े को पार करना है। जैसे-जैसे नागोया के खेल आगे बढ़ेंगे, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि भारतीय एथलीट इस महाकुंभ में देश के लिए कितने पदक बटोरने में सफल होते हैं।