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नवरात्रि में आस्था का अपमान: जौनपुर में सपा नेता को स्विग्गी ने पनीर रोल की जगह चिकन भेजा, कोर्ट पहुंचा मामला

लेखक: ADITYA SRIVASTAV दिनांक: सितंबर 30, 2025

 जौनपुर, उत्तर प्रदेश | 1 अक्टूबर, 2025 उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक शाकाहारी समाजवादी पार्टी (सपा) नेता को ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप स्विग्गी की लापरवाही का शिकार होना पड़ा। नवरात्रि के पावन अवसर पर पनीर रोल ऑर्डर करने वाले नेता अमित यादव को चिकन रोल डिलीवर हो गया, जिससे उनकी 23 साल पुरानी शाकाहारी तपस्या टूट गई और धार्मिक भावनाएं आहत हो गईं। इस घटना के बाद नाराज नेता ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई है और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

घटना 28 सितंबर 2025 को शाम करीब 7 बजे की है। जौनपुर के उर्दू बाजार इलाके में रहने वाले सपा नेता अमित यादव ने स्विग्गी ऐप के जरिए दो पनीर रोल ऑर्डर किए थे। नवरात्रि व्रत के दौरान शाकाहारी भोजन का विशेष महत्व होने के कारण उन्होंने वेज ऑप्शन ही चुना था। लेकिन जब पैकेट खोला गया, तो अंदर चिकन रोल निकला, जो पूरी तरह से मांसाहारी था।

चश्मदीदों के अनुसार, यादव ने तुरंत स्विग्गी कस्टमर केयर से संपर्क किया, लेकिन कंपनी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे गुस्साए नेता ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर घटना को उजागर किया, जो वायरल हो गया। उन्होंने कहा, "23 साल से शाकाहारी हूं, नवरात्रि में यह गलती मेरी आस्था पर प्रहार है। स्विग्गी को जवाबदेह बनाना होगा।"

अमित यादव ने जौनपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने स्विग्गी से 50 हजार रुपये का मुआवजा, सार्वजनिक माफी और ऐप पर सख्त वेज-नॉन वेज चेक सिस्टम लागू करने की मांग की है। वकील के अनुसार, यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत गंभीर लापरवाही का मामला है, जिसमें जुर्माना और क्षतिपूर्ति का प्रावधान है।

स्विग्गी ने घटना पर एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, "हमारी प्राथमिकता ग्राहकों की संतुष्टि है। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण त्रुटि थी, जिसके लिए हम क्षमा मांगते हैं। हमने संबंधित रेस्टोरेंट को नोटिस जारी किया है और पीड़ित को पूर्ण रिफंड के साथ अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा। भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए ट्रेनिंग बढ़ाई जाएगी।" कंपनी ने वेज और नॉन-वेज ऑर्डर के बीच अलग-अलग पैकेजिंग को अनिवार्य करने की बात भी कही।

सोशल मीडिया पर यह मामला छा गया है, जहां #SwiggyFail और #JaunpurSwiggyScam जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। कई यूजर्स ने अपनी समान अनुभव साझा किए, जबकि कुछ ने धार्मिक संवेदनशीलता पर जोर दिया। सपा नेता अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, "ऑनलाइन सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं। पार्टी इस मुद्दे पर साथ खड़ी है।"

यह घटना न केवल उपभोक्ता अधिकारों को उजागर करती है, बल्कि फूड डिलीवरी ऐप्स पर सख्त नियंत्रण की मांग भी बढ़ा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वेज-नॉन वेज मिक्सअप जैसे मामलों में एआई-बेस्ड वेरिफिकेशन सिस्टम जरूरी हैं। जौनपुर पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है, ताकि रेस्टोरेंट की लापरवाही का पता लगाया जा सके।