निष्पक्ष • निर्भीक • तथ्यपरक
DEAP ANALYZER

News, Without Fear or Favor

ब्रेकिंग
🔴 Deap Analyzer: ग्राउंड जीरो से निष्पक्ष और खोजी पत्रकारिता। 🔴 ताज़ा खबरों और विश्लेषण को पढ़ने के लिए नीचे दी गई खबरों पर क्लिक करें।

पिछले 50 सालों मे आतंकी हमलों मे इस्लामिक संगठनो की 85 प्रतिशत से अधिक की भागीदारी

लेखक: ADITYA SRIVASTAV दिनांक: अप्रैल 30, 2025

 पिछले 50 साल (लगभग 1975-2025) में, जिन आतंकवादी हमलों में 5 या उससे अधिक लोग मारे गए, उनमें इस्लामिक संगठनों की भागीदारी का प्रतिशत अनुमानित रूप से बहुत अधिक है।


इस्लामिक संगठन: ██████████████████████████████████████████████████████████████████████████ 85%

अन्य संगठन: ████████ 15%



मुख्य तथ्य और आँकड़े:

  • 1979 से अप्रैल 2024 तक, दुनिया भर में 66,872 इस्लामिक आतंकवादी हमले दर्ज किए गए, जिनमें कम-से-कम 2,49,941 लोग मारे गए2

  • इन हमलों में औसतन प्रति हमला 3.7 लोगों की मौत हुई2

  • 2013-2024 के बीच, कुल दर्ज हमलों का 84.4% इस्लामिक आतंकवाद से संबंधित था2

  • सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र: मध्य पूर्व, उत्तर अफ्रीका, दक्षिण एशिया और उप-सहारा अफ्रीका, जहाँ कुल इस्लामिक आतंकी हमलों का 96.7% हुआ2

बड़े आतंकी हमलों की सूची (5 या उससे अधिक मौतें):

  • विकिपीडिया की सूची के अनुसार, 50 वर्षों के दौरान बड़े आतंकी हमलों (5+ मौतें) में अधिकांश घटनाएँ इस्लामिक संगठनों द्वारा की गईं-जैसे अल-कायदा, इस्लामिक स्टेट (ISIS/ISIL), बोको हराम, अल-शबाब, तालिबान आदि1

  • हाल के वर्षों (2024-2025) में भी, सबसे घातक हमलों में इस्लामिक संगठनों की भागीदारी प्रमुख रही है, जैसे कि ISIS-K द्वारा ईरान और रूस में, बोको हराम और JNIM द्वारा अफ्रीका में1

प्रतिशत का अनुमान:

  • उपलब्ध आंकड़ों और प्रमुख घटनाओं की सूची के आधार पर, बड़े आतंकी हमलों (5+ मौतें) में इस्लामिक संगठनों की भागीदारी 80% से अधिक है।

  • कई वर्षों में, यह भागीदारी 85% या उससे भी अधिक रही है, खासकर 2000 के बाद के दशकों में2

निष्कर्ष:

पिछले 50 वर्षों में, जिन आतंकी हमलों में 5 या उससे अधिक लोग मारे गए, उनमें इस्लामिक संगठनों की भागीदारी लगभग 80-85% रही है। यह अनुमान विकिपीडिया की घटनाओं की सूची और वैश्विक अध्ययन दोनों से समर्थित है12

नोट: यह प्रतिशत अनुमानित है, क्योंकि सभी घटनाओं का पूर्ण विश्लेषण और वर्गीकरण आवश्यक है, लेकिन उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर यही निष्कर्ष निकलता है।